समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान के खिलाफ चल रहे 'दो पैन कार्ड' मामले में कानूनी लड़ाई अब इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंच गई है। शिकायतकर्ता नवाब काजिम अली खान उर्फ नावेद मियां ने रामपुर की विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें आजम परिवार की सजा बढ़ाए जाने की मांग वाली उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी।
मंगलवार को जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच में इस याचिका पर अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एन. आई. जाफरी ने कोर्ट से पक्ष रखने के लिए वकालतनामा दाखिल करने का समय मांगा। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 फरवरी 2026 की तारीख तय की है।
यह पूरा विवाद अब्दुल्ला आजम द्वारा दो अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पैन कार्ड रखने से जुड़ा है। इस मामले में रामपुर की निचली अदालत ने पहले ही आजम खान और अब्दुल्ला आजम को सजा सुनाई थी। नवाब काजिम अली खान ने रामपुर एमपी/एमएलए कोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन याचिका दाखिल कर सजा को और बढ़ाने की मांग की थी। 16 जनवरी 2026 को रामपुर की अदालत ने काजिम अली की इस मांग को खारिज कर दिया था। इसी आदेश के खिलाफ अब वे हाई कोर्ट पहुंचे हैं।
नवाब काजिम अली खान ने बीएनएसएस (BNSS) की धारा 528 के तहत याचिका दाखिल कर ये मांगें की हैं-
इस याचिका में उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के साथ-साथ आजम खान और अब्दुल्ला आजम को प्रतिवादी बनाया गया है।
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